Service is Devotion

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The existence of Lord Shiva "Aghor" is believed to be there even before creation of life in universe. Aghor is an ancient spritual discipline and has been practised ever since the early days of Vedic Era. Words like "Aghor", "Aughad", "Kapalik", "Aghori", "Aughar", "Awadhoot" means the same, which is simple and natural state of consciousness.

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Maa Mahamaitarayini Yogini Mahanirvana Diwas

Event Date

13 January 2026

Maa Mahamaitarayini Yogini Mahanirvana Diwas

"शिक्षा,संस्कार और सेवा का अनोखा उदाहरण है अघोर परंपरा द्वारा संचालित विद्यालय MMYS":- माँ मैत्रायिणी योगिनी के निर्वाण दिवस पर बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण

13 जनवरी का दिन अघोर श्रद्धालुओं के लिये अत्यंत भावभीना होता है । 13 जनवरी को अघोर परंपरा के महान संत अघोरेश्वर महाप्रभु की स्थूल काया की जननी माँ मैत्रायिणी योगिनी का निर्वाण दिवस, सभी अघोर आश्रमों में, श्रध्दा- भक्तिपूर्ण वातावरण में मनाया जाता है । 

इसी कड़ी में माँ मैत्रायिणी योगिनी के मूल निवास स्थान, बिहार राज्य के आरा जिले के ग्राम गुंडी, में स्थापित 'माँ मैत्रायिणी योगिनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल' (MMYS) में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित हुआ । सुबह साफ़- सफाई, भजन कीर्तन और प्रसाद वितरण के बाद भक्ति -संगीत का दौर चला ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष, श्री नरेन्द्र नारायण यादव ने माँ मैत्रायिणी योगिनी, अघोरेश्वर महाप्रभु अवधूत भगवान राम जी तथा अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के चित्रों पर माल्यार्पण करने के बाद दीप प्रज्ज्वलित किया । इस मौके पर स्कूल प्रशासन ने बुके, शॉल, प्रतीक चिन्ह और अघोर साहित्य को भेंट कर मुख्य अतिथि का सम्मान किया । इसके बाद क्षेत्रीय गायकों और वादकों के साथ स्कूल के बच्चों ने सुर ताल का अद्भुत संगम पेश किया । तदुपरांत वैचारिक गोष्ठी के अंतर्गत कई वक्ताओं ने अघोर के अद्भुत स्वरुप की व्याख्या किया । 

अंत में अपनी बात रखते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष महोदय ने , अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान', वाराणसी द्वारा संचालित इस स्कूल को शिक्षा, संस्कार और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया । अध्यात्म और शिक्षा का अद्भुत संगम क़रार दिया । अघोर परंपरा के परोपकारी स्वरुप की प्रशंसा करते हुए श्री नरेन्द्र नारायण ने कहा कि "एक औघड़ द्वारा शिक्षा के माध्यम से पीढ़ियों को पुष्पित-/पल्लवित होते देखना हैरान और गर्व कर देने वाला अनुभव है" । 

सम्पूर्ण संसार में अघोर के वर्तमान आराध्य और वाराणसी स्थित अघोर के विश्वविख्यात हेडक्वार्टर, 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड', के वर्तमान पीठाधीश्वर तथा MMYS के संस्थापक अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का दर्शन करने की इच्छा व्यक्त करते हुए श्री नरेन्द्र नारायण ने कहा कि "मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे इस जगह आने और एक महान संत की जन्मदायिनी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दुर्लभ अवसर मिला । मैं अभिभूत हूँ" । उन्होंने वादा कि "एक औघड़ के सामाजिक सरोकार के इस लोकोपकारी मिशन के लिए मैं हमेशा उपस्थित हूँ" ।  

अन्य लोगों ने भी माँ मैत्रायिणी योगिनी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अघोर परम्परा द्वारा जारी मानवीय सेवा एवं MMYS के शैक्षणिक योगदान की सराहना की । कार्यक्रम के अंत में विधानसभा अध्यक्ष महोदय द्वारा ज़रूरतमंदों को कंबल भी वितरित किया गया । 

इसके बाद एक विशाल भंडारा के तहत सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया । इस के पहले स्कूल के प्रबंधक डॉ. विकास और प्रिंसिपल श्री अनिल कुमार के नेतृत्व में अनंत सिंह और नितेश सिंह सहित स्कूल प्रशासन ने सबका स्वागत किया ।