Service is Devotion

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The existence of Lord Shiva "Aghor" is believed to be there even before creation of life in universe. Aghor is an ancient spritual discipline and has been practised ever since the early days of Vedic Era. Words like "Aghor", "Aughad", "Kapalik", "Aghori", "Aughar", "Awadhoot" means the same, which is simple and natural state of consciousness.

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चैत्र नवरात्र-2026

Event Date

27 March 2026

चैत्र नवरात्र-2026

विश्वविख़्यात अघोरपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल' में नवमी कन्या व भैरव पूजन के साथ चैत्र नवरात्र संपन्न
नौ दिनों तक भगवती के हर रुपों की आराधना और पूजा-अर्चना तथा 'नवमी कन्या पूजन' के साथ चैत्र नवरात्र-2026 संपन्न हो गया । शहर में हर जगह 'नवमी कन्या पूजन' के चलते भीड़-भाड़ और उत्साह का माहौल था । 

लेकिन नवमी कन्यापूजन का सर्वाधिक आकर्षण रविन्द्रपुरी स्थित विश्वविख़्यात अघोरपीठ, 'बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुण्ड', में दिखा । सुबह आश्रम की साफ-सफ़ाई और दैनिक आरती-पूजन के बाद यहाँ के पीठाधीश्वर परम पूज्य अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के दिशा निर्देशन में 'नवमी कन्या पूजन' की शुरुवात हुई । सर्वप्रथम सभी 9 कन्याओं का श्रृंगार कर उन्हें देवी रुप में और एक बालक का श्रृंगार कर उन्हें भैरव बाबा के रुप में प्रतिष्ठित कर आसीन किया गया । 

नवरात्र पूजन के आचार्य (पुजारी) श्री प्रकाश जी व आश्रम की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती संगीता सिंह की अगुवाई में श्रद्धालुजनों द्वारा देवी स्वरुप में विराजमान सभी 9 बाल कन्याओं और भैरव रूप में बालक के पाँव पखारे गए । तत्पश्चात सभी देवी व् भैरव जी की विधि सम्मत पूजा कर उनकी आरती उतारी गयी । इसके बाद सभी देवियों व भैरव जी को विभिन्न पकवानों का भोग लगाया गया और उन्हें तृप्त कराकर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया गया ।

इस दौरान सहित उपस्थित सैकड़ों भक्तजनों द्वारा 'जय माँ सर्वेश्वरी' और 'हर-हर महादेव' का उदघोष लगातार होता रहा । बाद में, भंडारे के तहत, हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया । 

ग़ौरतलब है कि अघोरपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' में नवरात्र का पर्व और 'नवमी कन्या पूजन' को देखने के लिए देश और दुनिया के साधक-महात्माओं के अलावा आम श्रद्धालुजन भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।