Aghorpeeth
Aghoracharya Baba Kinaram Aghor Sodh Evam Seva Sansthan
अवतरण दिवस तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रम 01 मई 2026
अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में 01 मई का दिन 'श्रमिक दिवस' और भारत के परिप्रेक्ष्य में 'श्रमिक दिवस' के साथ देश के दो राज्यों, महाराष्ट्र व् गुजरात, के गठन के रूप में जाना जाता है । लेकिन आपकी जानकारी लिये बता दें कि आध्यात्मिक क्षेत्र में भी 01 मई का दिन महत्वपूर्ण होता है ।
01 मई को अध्यात्म और भगवान शिव की सर्वोच्च अवस्था (अघोर परम्परा) के वर्तमान सर्वमान्य ईष्ट-आचार्य तथा वाराणसी स्थित अघोर के विश्वविख्यात तीर्थस्थान 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' के वर्तमान पीठाधीश्वर, अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी, का 'अवतरण दिवस' मनाया जाता है । इस दिन देश-विदेश से आये हज़ारों श्रद्धालुओं, साधक-महात्माजनों, बुद्धिजीवियों एवं आमजन का जमघट लगता है, जो अपने आराध्य , अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी, का 'अवतरण दिवस' मनाने 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' वाराणसी में आते हैं ।
लेकिन परम अघोरी और चलते-फ़िरते कहे जाने वाले बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का 'अवतरण दिवस' सिर्फ़ धार्मिक औपचारिकताओं की रस्म नहीं निभाता, बल्कि एक अघोरी के सामाजिक सरोकार का दृश्य भी उपलब्ध कराता है । इस दिन कई ज़रूरतमंद/निराश्रित कन्याओं का 'सामूहिक विवाह कार्यक्रम' आयोजित होता है ।
'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' के तत्वाधान में तथा प्रख्यात सामाजिक संस्था 'अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्था, वाराणसी के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व स्वयं अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी करते हैं । उनकी अगुवाई में सैकड़ों स्वयंसेवकों के सहयोग से तथा वर-वधू के माता-पिता या अभिवावकों की मौज़ूदगी में समस्त रीति-रिवाज़ों के साथ यह कार्यक्रम संपन्न होता है । इस अवसर पर अभूतपूर्व साज-सज्जा और खान-पान की व्यवस्था के अलावा वर-वधू को सहयोग राशि व उपहार सामग्री भी दी जाती है । इस आयोजन का समस्त व्यय 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' द्वारा किया जाता है ।
हर वर्ष की तरह इस बार भी 30 अप्रैल को ही, 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' वाराणसी में, श्रद्धालुओं, साधक-महात्माजनों, बुद्धिजीवियों एवं 55 वर-वधू तथा उनके रिश्तेदारों का आगमन शुरु हो गया था । 01 मई को सुबह दैनिक आरती पूजन साफ़-सफ़ाई के बाद 'सामूहिक विवाह कार्यक्रम' के तहत वर-वधू की हल्दी-रस्म, अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी की देख रेख में, विधिपूर्वक पूरी हुई ।
शाम 8 बजे, संध्याकालीन आरती के तुरंत बाद शुरू हुआ अघोराचार्य महाराजश्री का 'अवतरण दिवस' कार्यक्रम । केक की शक्ल में 55 किलो लड्डू को, महाराजश्री के स्पर्श के बाद, लोगों के बीच प्रसाद-स्वरुप बांटा गया । लोगों ने अपने आराध्य को अपने-अपने अंदाज़ में श्रद्धासुमन अर्पित किया । ''हर-हर महादेव इसके बाद शुरू हुआ 'सामूहिक विवाह कार्यक्रम' ।
अभिभूत कर देने वाले भव्य विशाल मंच पर 55 वर-वधू के वैवाहिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई । लोकाचार के तहत समाज की विधि-सम्मत सभी वैवाहिक औपचारिकताओं के साथ वैवाहिक कार्यक्रम का दौर चला जो देर रात तक जारी रहा । इस अवसर पर अघोराचार्य ने सभी वर-वधू को आशीर्वाद के साथ स्मृति-चिन्ह प्रदान किया । अंत में 'हर-हर महादेव' के उदघोष के साथ, अघोरपीठ के, 01 मई के समस्त कार्यक्रम का समापन हुआ ।
इस अवसर पर आध्यात्मिक जगत की बड़ी हस्तियों में बाबा प्रियदर्शी राम जी, बाबा कर्मवीर राम जी, बाबा छबीले राम जी तथा आव्हान अखाड़ा पीठाधीश श्री अरुण गिरी जी महाराज उपस्थित रहे ।